Cancel Preloader

अंबाला में स्थापित किए जा रहे ‘आजादी की पहली लडाई का शहीदी स्मारक’ के संग्रहालय में विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा

 अंबाला में स्थापित किए जा रहे ‘आजादी की पहली लडाई का शहीदी स्मारक’ के संग्रहालय में विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा
By Nem Singh Premi
नई दिल्ली (ग्राम)(GW)
वर्ष 1857 में हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा में हुए संघर्षों, लडाईयों व घटनाओं को हरियाणा के अंबाला में स्थापित किए जा रहे ‘आजादी की पहली लडाई का शहीदी स्मारक’ के संग्रहालय में विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। एतिहासिक विवरणों को बेहतर रूप से प्रस्तुत व प्रदर्शित किए जाने की दिशा में संग्रहालय को अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त बनाया जाएगा।
हरियाणा के अंबाला में स्थापित किए जा रहे ‘आजादी की पहली लडाई का शहीदी स्मारक’ के संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले एतिहासिक तथ्यों की पुष्टि के लिए गठित इतिहासकारों की छह सदस्यीय समिति की नई दिल्ली में हरियाणा भवन मे हुई प्रथम बैठक में गहन विचार-विमर्श हुआ। 11जून  को एतिहासकारों की समिति द्वारा अंबाला में स्थापित किए जा रहे ‘आजादी की पहली लडाई का शहीदी स्मारक’ स्थल का दौरा किया जाएगा।
हरियाणा के सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक,
हरियाणा के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव व गठित समिति के संयोजक श्री अमित अग्रवाल ने समिति की बैठक में अंबाला में स्थापित किए जा रहे ‘आजादी की पहली लडाई का शहीदी स्मारक’ के संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले एतिहासिक तथ्यों की सत्यापन व पुष्टी प्रक्रिया के संदर्भ में समिति के सदस्यों के साथ विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। एतिहासिक विवरणों को संग्रहालय में प्रभावी व आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाने की दिशा वर्तमान में संग्रहालयों में प्रयोग हो रही आधुनिक तकनीकों को  उपयोग किए जाने की प्रकिया पर भी परामर्शदाताओं के साथ विचार-विमर्श हुआ।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा के अंबाला में 22 एकड भूक्षेत्र में 300 करोड रूपए की लागत से स्थापित किए जा रहे ‘आजादी की पहली लडाई का शहीदी स्मारक’ का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्ष 1857 में हुए भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम  के दौरान हुए संघर्षो,लडाईयों व घटनाओं को प्रदर्शित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग से युक्त एक संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को सही रूप में प्रस्तुत किए जाने की दिशा में दृश्य,श्रव्य,ध्वनि व प्रकाश आदि की अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
नई दिल्ली में हुई इतिहासकारों की छह सदस्यीय समिति की बैठक में भारतीय  इतिहास परिषद अनुसंधान के अध्यक्ष डाॅ राघवेन्द्र तंवर, प्रसिद्ध इतिहासकार प्रोफेसर कपिल कुमार, राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान की निदेशक व उप कुलपति प्रोफेसर अनुपा पांडेय, मिलिट्री इतिहास की पुस्तकों के लेखक कर्नल (सेवानिवृत्त) योगेंद्र सिहं, भारतीय राष्ट्रीय संग्रहालय के अभिलेखाधिकारी डाॅ देवेंद्र कुमार शर्मा व सनातन धर्म महाविद्यालय इतिहास विभाग,अम्बाला के पूर्व विभागाध्यक्ष डाॅ उदयवीर मौजूद रहे। बैठक में हरियाणा के सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डाॅ कुलदीप सैनी और हरियाणा के लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री अशोक कुमार व  अधीक्षक अभियंता श्री सुखबीर सिंह भी मौजूद रहे।
       संग्रहालयों में उपयुक्त होनी वाली तकनीकों के परामर्शदाताओं में श्री सिद्धार्थ बाठला, सोमया गुप्ता व रितिका मीणा भी बैठक में मौजूद रहे।

Related post